पता नहीं
पता नहीं तुम कैसे हो
पता नहीं तुम्हारा हाल क्या है?
पता नहीं तुम से कैसे पूछे?
क्योंकि पता है कि तुम परेशान हो
पता है तुम सोच रहे हो
'ये कैसे हो गया?
मुझे कैसे हो गया?
मैने तो हर सावधानी बरती
हर किसी को आगाह करते-करते
मैं खुद ही कैसे चूक गया?'
परेशान मत हो साथी
ये तो नियती है
जो नीयत है,वो हो कर रहेगा
हम लाख कोशिश कर ले,
वो ना टलेगा
हां,ऐसा सोचोगे ,तो बुरा वक्त कट जायेगा
जो कष्ट आया है ,वो निपट जायेगा
ये तो कर्मों के फल हैं
भुगतान हो जायेगा तो चला जायेगा
निराशा में भी आशा रख
वो भगवान है ,हम सब का रक्षक
बस रखना है हमें याद
वक्त है सबसे बलवान
इसकी इज्जत में ही हैं हम सब की शान
Comments
Post a Comment